पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए आजकल इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter) लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। मार्केट में कई ब्रांड्स के नए-नए मॉडल्स उपलब्ध हैं, जिनमें तरह-तरह के फीचर्स दिए जा रहे हैं।
लेकिन अपनी मेहनत की कमाई किसी ईवी (EV) में लगाने से पहले सही चुनाव करना बेहद ज़रूरी है। अगर आप भी नया इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो इन 5 सबसे महत्वपूर्ण बातों का ध्यान ज़रूर रखें।
1. ड्राइविंग रेंज (Real World Riding Range)
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय सबसे पहली और ज़रूरी बात उसकी 'रेंज' होती है, यानी एक बार फुल चार्ज करने पर स्कूटर कितने किलोमीटर चलेगा।
IDC बनाम Real Range: कंपनियां जो रेंज (IDC Range) क्लेम करती हैं, वास्तविक सड़कों पर रेंज उससे 20% से 30% तक कम मिलती है।
सुझाव: अगर कंपनी 120 km की रेंज का दावा कर रही है, तो मानकर चलें कि वह डेली यूज़ में 80 से 90 km ही चलेगी। अपनी रोज़ाना की ट्रैवलिंग दूरी के हिसाब से ही रेंज का चुनाव करें।
2. बैटरी टाइप और चार्जिंग टाइम (Battery & Charging)
स्कूटर का सबसे महंगा और अहम हिस्सा उसकी बैटरी होती है।
Lithium-ion Battery: हमेशा लिथियम-आयन बैटरी वाला स्कूटर ही चुनें, क्योंकि यह लंबी चलती है और जल्दी चार्ज होती है।
Charging Time: यह ज़रूर चेक करें कि होम चार्जर से 0 से 100% चार्ज होने में कितना समय लगता है (आमतौर पर 4 से 6 घंटे)।
Removable Battery: अगर आप किसी अपार्टमेंट या बहुमंजिला इमारत में रहते हैं, तो डिटैचेबल (निकालने योग्य) बैटरी वाला स्कूटर ज़्यादा सुविधाजनक रहेगा।
3. टॉप स्पीड और मोटर पावर (Speed & Motor Capacity)
मार्केट में दो तरह के इलेक्ट्रिक स्कूटर आते हैं:
Low-Speed Scooters: इनकी टॉप स्पीड 25 km/h होती है। इनके लिए लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की ज़रूरत नहीं होती, लेकिन ये ढलान या भारी लोड पर धीमे हो जाते हैं।
High-Speed Scooters: इनकी स्पीड 60 km/h से 100 km/h या उससे अधिक होती है। डेली कम्यूट और हाइवे/ओवरटेकिंग के लिए ये ज्यादा सुरक्षित और बेहतर माने जाते हैं।
4. वारंटी और बैटरी रिप्लेसमेंट कॉस्ट (Warranty & Battery Cost)
3 से 5 साल बाद बैटरी की क्षमता कम होने लगती है और उसे बदलना पड़ सकता है।
Warranty: देखें कि कंपनी बैटरी और मोटर पर कम से कम 3 साल या 30,000 km की वारंटी दे रही है या नहीं।
Cost: बैटरी रिप्लेसमेंट की कीमत स्कूटर की कुल कीमत का 30% से 40% तक हो सकती है, इसलिए वारंटी टर्म्स को ध्यान से पढ़ें।
5. आफ्टर-सेल्स सर्विस और नेटवर्क (Service & Spare Parts)
कई नए ईवी ब्रांड्स स्कूटर तो बेच देते हैं लेकिन बाद में उनके स्पेयर पार्ट्स या सर्विस सेंटर ढूंढना मुश्किल हो जाता है।
सर्विस सेंटर: अपने शहर में कंपनी के आधिकारिक सर्विस सेंटर का पता लगाएं।
ब्रांड गुडविल: ऐसे ब्रांड का चुनाव करें जिसकी मार्केट में अच्छी पकड़ हो और जिसके पार्ट्स आसानी से मिल सकें।
इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना एक बेहतरीन और पर्यावरण-अनुकूल निर्णय है जो लंबे समय में आपके पेट्रोल के पैसे बचाता है। बस खरीदारी करते समय केवल लुक्स या फीचर्स देखकर फैसला न लें, बल्कि रेंज, बैटरी लाइफ और आफ्टर-सेल्स सर्विस को प्राथमिकता दें।

