विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और शिक्षा मंत्रालय द्वारा देश के मेधावी खिलाड़ियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए "राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के पदक विजेताओं/प्रतिभागियों के लिए मुफ्त शिक्षा योजना" (Free Education for Sports Medal Winners / Participants of National/ International Events) का संचालन किया जाता है।
अक्सर वित्तीय बाधाओं या खेल में व्यस्तता के कारण खिलाड़ी अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ देते हैं, इसी समस्या का समाधान करने और युवाओं को खेल के साथ-साथ शैक्षणिक रूप से भी मजबूत बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है।
इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य उन खिलाड़ियों को बिना किसी वित्तीय बोझ के स्नातक (Undergraduate), स्नातकोत्तर (Postgraduate), डिप्लोमा, M.Phil, Ph.D और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (जैसे MBA) की पढ़ाई पूरी करने का अवसर देना है, जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। योजना के अंतर्गत पात्र खिलाड़ियों की पूरी ट्यूशन फीस माफ की जाती है, साथ ही उन्हें हॉस्टल की सुविधा, वार्षिक खेल किट भत्ता और उच्च अध्ययन (जैसे रिसर्च या मैनेजमेंट) के लिए मासिक वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाता है।
पात्रता के लिहाज़ से, इस योजना का लाभ उठाने के लिए खिलाड़ी का किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता (National Games) में पदक विजेता होना अनिवार्य है, अथवा उसने ओलंपिक खेल, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई खेल (Asian Games), राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games), या विश्व यूनिवर्सिटी गेम्स जैसी अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो या पदक हासिल किया हो। इसके अलावा, आवेदक का भारत के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, सरकारी कॉलेज, या राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में नियमित (Regular and Full-Time) छात्र के रूप में प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया होना आवश्यक है। डिस्टेंस लर्निंग, ओपन यूनिवर्सिटी या पार्ट-टाइम मोड से पढ़ाई करने वाले छात्र इस योजना के तहत पात्र नहीं माने जाते हैं।
वित्तीय लाभों को खिलाड़ियों की उपलब्धियों के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया गया है। ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं या प्रतिभागियों को 100% फीस माफी (वास्तविक ट्यूशन फीस), 100% मुफ्त हॉस्टल आवास और ₹15,000 का वार्षिक किट भत्ता दिया जाता है। इसके साथ ही, यदि ऐसे छात्र M.Phil या MBA की पढ़ाई कर रहे हैं, तो उन्हें ₹7,500 प्रति माह और Ph.D शोधार्थियों को CSIR/UGC JRF दर पर मासिक स्टाइपेंड मिलता है। एशियन चैंपियनशिप या विश्व यूनिवर्सिटी गेम्स के पदक विजेताओं को भी 100% फीस और हॉस्टल सुविधा के साथ ₹7,500 से ₹10,000 तक का किट भत्ता तथा ₹7,500 प्रति माह का विशेष भत्ता मिलता है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेताओं को वास्तविक फीस का 75% हिस्सा, हॉस्टल नियमों के अनुसार सहायता, और आवश्यकता अनुसार किट भत्ता के साथ M.Phil/MBA के लिए ₹5,000 प्रति माह तथा Ph.D के लिए ₹7,500 प्रति माह की आर्थिक मदद दी जाती है।
आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन और संस्थान-स्तरीय सत्यापन का एक संयुक्त माध्यम है। योजना में रुचि रखने वाले खिलाड़ियों को सबसे पहले निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र भरकर उसमें अपनी व्यक्तिगत, शैक्षणिक और खेल से जुड़ी सटीक जानकारी दर्ज करनी होती है। आवेदन पत्र के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं, जिनमें खेल प्रतियोगिताओं के मेडल या पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट, 10वीं व 12वीं तथा स्नातक की मार्कशीट, संबंधित कॉलेज का एडमिशन लेटर या फीस रसीद, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और बैंक खाता विवरण शामिल हैं।
सबसे महत्वपूर्ण चरण यह है कि छात्र को अपने खेल प्रमाण पत्रों को अपने विश्वविद्यालय या कॉलेज के कुलसचिव (Registrar) या प्राचार्य (Principal) से सत्यापित कराना होता है। इसके बाद पूरी तरह से भरा और सत्यापित आवेदन पत्र कॉलेज के प्रशासनिक विभाग में जमा कर दिया जाता है। संस्थान इन सभी दावों की जांच करने के बाद पात्र आवेदनों को अपनी सिफारिश के साथ अंतिम स्वीकृति और फंड जारी करने के लिए यूजीसी (UGC) पोर्टल के माध्यम से अग्रसारित कर देता है। छात्रवृत्ति की राशि सीधे छात्र के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाती है।

