भारतीय कृषि क्षेत्र में किसानों को सही समय पर बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़ी अन्य ज़रूरतों के लिए पैसों की तंगी का सामना न करना पड़े, इसी मकसद से केंद्र सरकार की किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card - KVP/KCC) योजना काम करती है। यह सिर्फ एक लोन स्कीम नहीं है, बल्कि देश के अन्नदाताओं को साहूकारों और बिचौलियों के भारी-भरकम ब्याज के जाल से बचाने के लिए सरकार द्वारा दिया गया एक बेहद मजबूत वित्तीय हथियार है।
खेती-किसानी के काम में अक्सर फसल बोने से लेकर कटाई और बाजार में बेचने तक लगातार पैसों की जरूरत बनी रहती है। किसान क्रेडिट कार्ड की मदद से किसानों को बैंकों के चक्कर लगाए बिना बेहद आसान शर्तों और रियायती ब्याज दर पर पैसा मिल जाता है। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें साधारण लोन की तरह हर महीने किस्त चुकाने का झंझट नहीं होता। किसान अपनी फसल कटने और उसे मंडी में बेचने के बाद आसानी से लोन की रकम और मामूली ब्याज चुकता कर सकते हैं।
ब्याज दर और मिलने वाली छूट की बात करें तो वैसे तो कृषि ऋण की सामान्य ब्याज दर 9% होती है, लेकिन सरकार इस पर 2% की सीधी छूट (Subvention) देती है, जिससे प्रभावी ब्याज दर घटकर 7% रह जाती है। इसके अलावा, जो किसान समय पर अपना कर्ज चुका देते हैं, उन्हें सरकार की तरफ से 3% की अतिरिक्त छूट (Prompt Repayment Incentive) मिलती है। इसका मतलब यह है कि ईमानदार और समय पर भुगतान करने वाले किसानों को यह लोन मात्र 4% वार्षिक ब्याज पर मिल जाता है। इतना ही नहीं, बिना किसी जमीन को बंधक (Collateral-free loan) रखे किसान ₹1.60 लाख तक का लोन आसानी से ले सकते हैं।
योजना का दायरा अब केवल खेती तक सीमित नहीं रहा है। फसल उगाने वाले किसानों के साथ-साथ अब पशुपालन (Dairy/Animal Husbandry), मत्स्य पालन (Fisheries), पोल्ट्री फार्मिंग करने वाले छोटे और सीमांत किसान भी KCC का पूरा लाभ उठा सकते हैं। वे सभी किसान जो स्वयं की जमीन पर खेती करते हैं, या फिर बटाईदार (Tenant Farmers), पट्टेदार और स्व-सहायता समूह (SHG) के रूप में काम कर रहे हैं, वे इस योजना के लिए पूरी तरह पात्र हैं।
आवेदन प्रक्रिया को सरकार ने अब बेहद सरल और डिजिटल बना दिया है। किसान अपने नजदीकी सरकारी, ग्रामीण या वाणिज्यिक बैंक की शाखा में जाकर KCC का आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा पीएम-किसान (PM-KISAN) योजना के लाभार्थी सीधे 1-पेज का KCC फॉर्म भरकर भी कार्ड पा सकते हैं। आवेदन के साथ पहचान पत्र (आधार कार्ड/वोटर ID), निवास का प्रमाण, ज़मीन की खतौनी/जमाबंदी के कागजात और पासपोर्ट साइज फोटो जमा करनी होती है। बैंक कागजातों की जांच के बाद किसान को एक KCC कार्ड और डेबिट जैसा कार्ड जारी कर देता है, जिससे वे किसी भी एटीएम से ज़रूरत के मुताबिक पैसे निकाल सकते हैं।

