देश के कई हिस्सों में मानसून की विदाई के साथ ही मौसम का एक नया और अनोखा दौर शुरू हो गया है। विशेष रूप से दक्षिण भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला फिर से तेज हो गया है, जिसके चलते आम जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बेंगलुरु समेत कर्नाटक और तमिलनाडु के कई प्रमुख जिलों में भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से तो राहत मिली है, लेकिन शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या विकट हो गई है।
राजधानी बेंगलुरु की बात करें तो पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही हल्की और मध्यम बारिश के कारण शहर का तापमान सुहाना बना हुआ है, लेकिन शाम ढलते ही आसमान में काले बादल छा जाते हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो जाती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अरब सागर से आने वाली नमी से भरी हवाओं और दक्षिण भारत के ऊपर बने मौसमी सिस्टम के कारण यह बारिश हो रही है। बेंगलुरु के कई प्रमुख आईटी कॉरिडोर, अंडरपास और मुख्य सड़कों पर पानी भर जाने के कारण पीक आवर्स में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। काम पर जाने वाले और ऑफिस से लौटने वाले लोगों को सड़कों पर रेंगते हुए वाहनों के बीच भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों जैसे बेंगलुरु, मैसूर, मांड्या, चिक्कबल्लापुर और तुमकुरु जिलों में अक्टूबर के शुरुआती दिनों तक बारिश का यह दौर जारी रह सकता है। इसके अलावा, तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और उससे सटे तटीय इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों और वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। साथ ही, किसानों को भी अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान से बचा जा सके। प्रशासन ने जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी के लिए त्वरित टीमों को तैनात कर दिया है ताकि आम जनता को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।
